कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ २-४७

karmaṇyevādhikāraste mā phaleṣu kadācana। mā karmaphalaheturbhūrmā te saṅgo’stvakarmaṇi॥ 2-47

कर्म करने मात्र में तुम्हारा अधिकार है, फल में कभी नहीं। तुम कर्मफल के हेतु वाले मत होना और अकर्म में भी तुम्हारी आसक्ति न हो।

To work alone you have the right, and not to the fruits. Do not be impelled by the fruits of work. Nor have attachment to inaction.

Contributor of the month

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Dr. Chetana Pandey
A Hindi scholar, writer and teacher

परकीया


छाप तिलक

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके


प्रेम भटी का मदवा पिलाइके


मतवारी कर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके


गोरी गोरी बईयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ


बईयाँ पकड़ धर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके


स्तवनम्

Aarti

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

वाकोवाक्यम् सम्मान समारोह 2020

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